जय श्री राम 🙏
अक्सर लोग पूछते हैं —
“मेरे पास कुंडली नहीं है… फिर मैं कैसे जानूँ कि केतु महादशा चल रही है?”
हर किसी के पास जन्म समय, सही चार्ट या ज्योतिषीय गणना उपलब्ध नहीं होती।
लेकिन अच्छी बात यह है कि ग्रहों का प्रभाव सिर्फ कागज़ पर नहीं, जीवन में दिखाई देता है।
यदि केतु प्रभावी होता है — तो वह आपके व्यवहार, सोच, शरीर और परिस्थितियों में झलकने लगता है।
आज हम सरल भाषा में समझेंगे:
- केतु महादशा के मुख्य लक्षण क्या हैं
- खराब या नीच केतु कैसे कष्ट देते हैं
- किन संकेतों से आप स्वयं पहचान सकते हैं
🌊 पहले यह समझिए — ग्रह असर करते कैसे हैं?
बहुत से लोग कहते हैं — “इतना दूर बैठा ग्रह हम पर क्या असर करेगा?”
तो एक सवाल आपसे — चंद्रमा कैसे करोड़ों टन पानी को हिला देता है?
विज्ञान यह साबित कर चुका है कि चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से ही समुद्र में ज्वार-भाटा आता है। पूर्णिमा के दिन सिर्फ समुद्र नहीं, हमारा मन भी अशांत होता है — क्योंकि हमारा शरीर 70% पानी से बना है। इसीलिए “Lunar” यानी चंद्रमा से ही “Lunatic” शब्द बना।
और सूर्य? एक दिन सूर्य न निकले तो पूरी प्रकृति थम जाए।
जब सिर्फ दो ग्रह इतना असर डाल सकते हैं, तो नौ ग्रह क्यों नहीं?
🔮 केतु महादशा — क्यों इतनी कठिन?
केतु की महादशा सिर्फ 7 वर्षों की होती है। लेकिन यह 7 साल किसी के लिए भी 70 साल जैसे भारी होते हैं।
केतु का स्वभाव है — वैराग्य। जैसे एक नागा साधु। न घर, न नौकरी, न रिश्ते, न बचत। बस ईश्वर की चाह।
और केतु यही चाहता है आपसे भी।
इसीलिए इस महादशा में आय रुक जाती है, रिश्ते टूटते हैं, स्वास्थ्य बिगड़ता है, और हर क्षेत्र में असफलता मिलती है। डिप्रेशन इस दशा में सबसे आम बात है।
अब जानते हैं वो 8 लक्षण जो बताते हैं कि केतु महाराज आपके जीवन में सक्रिय हैं —
🚨 लक्षण 1: Personal Hygiene से बेरुखी
केई-कई दिन नहाने का मन नहीं करता। बाल बिखरे रहते हैं। दाढ़ी बेतरतीब बढ़ती रहती है।
यह आलस नहीं है — यह केतु का असर है।
याद करिए एक नागा साधु का रूप — वर्षों तक न नहाना, न कंघी करना। केतु का एजेंडा यही है। वो आपको धीरे-धीरे उसी राह पर ले जाना चाहता है।
🔱 लक्षण 2: उग्र साधनाओं की ओर अचानक खिंचाव
यह सबसे अनोखा लक्षण है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता।
केतु महादशा में या उसकी दशा संधि के समय अचानक दश महाविद्याओं, तंत्र साधना, या किसी उग्र शक्ति की ओर मन खिंचने लगता है — बिना किसी बाहरी कारण के।
⚠️ लेकिन यहाँ बहुत सावधानी जरूरी है। बिना किसी सच्चे और अनुभवी गुरु के कोई भी उग्र साधना — अप्सरा, पिशाच, श्मशान, या दश महाविद्या — बिल्कुल न करें। बहुत से ढोंगी इस झुकाव का फायदा उठाकर पैसे लूटते हैं और गलत साधनाएं करवाते हैं जिसका नुकसान आपको ही भोगना पड़ेगा। 100 बार परखें, तब किसी को गुरु मानें।
🦴 लक्षण 3: कमर के नीचे के हिस्से की बीमारियाँ
केतु महादशा में जो बीमारियाँ सबसे ज्यादा आती हैं वो हैं — पेट की गंभीर समस्याएं, किडनी के issues, पैरों में बार-बार चोट, तलवों में दर्द, नाखूनों का टूटना, रीढ़ की हड्डी में तकलीफ।
कुछ गंभीर मामलों में intestine का cancer या hernia भी देखा गया है।
यह सब संयोग नहीं — यह केतु का शारीरिक प्रभाव है।
🔧 लक्षण 4: घर में चीज़ें बार-बार टूटती-बिगड़ती हैं
बाथरूम से पानी टपकता रहता है। नल ठीक कराओ, फिर leak। वाशिंग मशीन खराब, घड़ी बंद, गाड़ी में बार-बार दिक्कत।
यह वास्तु दोष नहीं — यह खराब केतु की निशानी है।
कितनी भी बार repair कराएं, जब तक केतु का प्रभाव है, यह सिलसिला चलता रहेगा।
💼 लक्षण 5: काम-धंधा छोड़ने का मन करना
वर्षों पुरानी नौकरी, practice या business — सब छोड़ देने का मन होने लगता है। डॉक्टर हों, वकील हों, consultant हों — सबके मन में “सब बंद कर दूं” वाला विचार आता है।
यही केतु की चाल है — वो आपको profession, ambitions और पैसे के चक्कर से बाहर खींचना चाहता है।
⚠️ लेकिन भूलकर भी केतु महादशा में अपना मौजूदा काम मत छोड़िए। जो हाथ में है वो भी जाएगा और नया कुछ मिलेगा नहीं — क्योंकि यही केतु महाराज की चाल है।
🏠 लक्षण 6: घर में अव्यवस्था और बिखराव
अलमारी खोलो तो पुराने, फटे कपड़े सामने आते हैं। किचन में झूठे बर्तन पड़े रहते हैं। बिस्तर बिखरा रहता है।
यह भी संयोग नहीं। केतु आपको वैरागी बनाने की प्रक्रिया में है — और उसकी शुरुआत आपके आसपास के माहौल से होती है।
👨👩👧 लक्षण 7: ननिहाल में परेशानियाँ
केतु ननिहाल का कारक है — नाना, मामा, मौसा और उनका परिवार।
अगर इन दिनों आपके ननिहाल में बीमारी, गरीबी या बदहाली है — तो यह खराब केतु की एक स्पष्ट निशानी है।
🔭 लक्षण 8: ज्योतिष और रहस्यमय विद्याओं में रुचि
यह सबसे आम लक्षण है — और शायद आप खुद भी इसे महसूस कर रहे हों।
केतु महादशा में अचानक astrology, occult sciences, और गुप्त विद्याओं में गहरी रुचि जागती है। कई लोग इस दौरान ज्योतिष सीखना शुरू कर देते हैं।
💔 कुछ और आम संकेत…
इसके अलावा जो चीज़ें लगभग हर कोई experience करता है वो हैं — बहुत ज्यादा बाल झड़ना, सबसे करीबी दोस्त या partner का धोखा देना, office में politics और बदनामी, और अपने काम का credit न मिलना।
केतु का मकसद एक ही है — आपके सभी बंधन तोड़ना ताकि आप खुद-ब-खुद वैरागी बन जाएं।
🙏 तो क्या करें?
अभी के लिए बस इतना —
आस्था बनाए रखें। भक्ति में जो शक्ति है वो किसी दवा में नहीं। केतु की महादशा अंधेरी रात जैसी है — लेकिन हर रात के बाद भोर आती है।
उपाय और remedies की विस्तृत जानकारी अगले भाग में।
अगर आप भी इन लक्षणों को अपने जीवन में महसूस कर रहे हैं — तो कमेंट में जरूर बताएं। आप अकेले नहीं हैं। 🌸
Read more : केतु महादशा के अचूक उपाय: जो मैंने खुद आज़माए और राहत पाई | Ketu Mahadasha Remedies